पाकिस्तान –हिंदुस्तान के बीच सैनिक कारवाई के बाद की
स्थिति आंकते हुए |
बातचीत
चल रही है बातचीत
अनवरत,नितांत औपचारिक
जगी हैं रात भर अख़बारों की सुर्खियाँ
कि दो नोकदार सीखचों की बातचीत में
कितना लहूलुहान होती है हवा ?
वे हमेशा ठंढे माहौल में करना चाहते हैं बातचीत
ताकि कभी गर्म न हो पायें उनके शब्द |
हवा में उड़ती सैंकड़ों आलपिनें
एक दूसरे से पूछतीं हैं कि बिना उँगलियों में चुभे
समझौतों के किन कागजात में
हमें नत्थी होना है |
वे हमेशा ऐसे ही होते हैं आमने – सामने
और ढूंढते रहते हैं बातचीत का रास्ता
उनकी रगों में हरदम दौड़ता रहता है गर्म बारूद |
सीमा पर जारी रहती है सैनिकों की आमदरफ्त
और चलती रहती है
बातचीत |
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